कालाअंब में बिना पंजीकरण रह रहे हजारों प्रवासी
मकान मालिक नहीं जांचते दस्तावेज
पुलिस को भी नहीं दी जाती है सूचना
कालाअंब (सिरमौर)। सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र कालाअंब में हजारों प्रवासी बिना पंजीकरण के किराये के मकानों में रह रहे हैं। क्षेत्र के उद्योगों में कामकाज के सिलसिले में प्रवासी डेरा जमाए बैठे हैं। इस लिहाज से क्षेत्र की सुरक्षा भी दांव पर लगी है। बगैर दस्तावेज और पंजीकरण कालाअंब के विभिन्न क्षेत्रों में मकान मालिकों ने भी किराये पर मकान दे दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब, खैरी, जोहड़ों, रामपुर जट्टान, मोगीनंद, ढांकावाला, बांकाबाड़ा और इसके साथ सटे हुए इलाकों में सुरक्षात्मक दृष्टिकोण को दरकिनार करके स्थानीय लोग भी खुद के लिए खतरा मोल ले रहे हैं। अधिकतर मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का पंजीकरण पुलिस थाने में नहीं करवा रखा है और न ही वे इसके बारे में गंभीर हैं। लिहाजा, पूरे औद्योगिक क्षेत्र से 10 से 15 फीसदी मकान मालिकों ने ही अपने किरायेदारों का पंजीकरण पुलिस थाने में करवाया है। जानकारी के मुताबिक कालाअंब और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1200 घरों में 20 हजार के करीब किरायेदार रह रहे हैं। सुरक्षात्मक दृष्टि से इनका पंजीकरण स्थानीय पुलिस थाने में करवाया जाना आवश्यक है लेकिन लोगों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इससे इलाके की सुरक्षा दांव पर लगी है। ऐसे में किसी भी अपराधी के इलाके में रहने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के साथ लगती सैनवाला-आमवाला पंचायत के प्रधान संदीपक ने इस दिशा में ऐहतियातन कदम उठाए हैं। उन्होंने लोगों को अपने किरायेदारों की सूचना अथवा पंजीकरण कराने के लिए कहा है। कालाअंब पुलिस थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि कालाअंब और इसके साथ लगते अन्य क्षेत्रों में जहां कहीं भी प्रवासी लोग किराये के मकानों में रह रहे हैं, उन मकान मालिकों को प्रवासी किरायेदारों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से करवाकर सहयोग करना चाहिए। उद्योग संचालकों को भी अपने प्रवासी कामगारों का विवरण पुलिस थाने में पंजीकृत करवाने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने की सूरत में मकान मालिक और उद्योग संचालकों पर आदेशों की अवहेलना करने के लिए मुकद्दमा दर्ज करने का प्रावधान भी किया गया है।