शिव भक्ति के रस में डूबा संगड़ाह
संगड़ाह (सिरमौर)। उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह के मुख्य बाजार में आयोजित शिव महापुराण कथा में मथुरा से आए कथा व्यास आचार्य विजया नंद संक्रांति ने भगवान शिव के द्वादश ज्योर्तिलिंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इस ज्योर्तिलिंग के दर्शन मात्र से ही कालसर्प योग शांत हो जाता है। उन्होंने कहा कि अभिमानी, क्रोधी और लोभी व्यक्ति समाज और भक्ति मार्ग से भटक जाता है। उन्होंने समाज में फैल रहे नशे को लेकर कहा कि यह उचित नहीं है। इंसान स्वयं नशा करता है और नाम भगवान का लेता है। समाज में भांग, चरस, गांजा आदि नशों को भगवान शिव के नाम पर पीया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने तो जहर भी पिया था तो इंसान इसका सेवन क्यों नहीं करता? उन्होंने नशे को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। इस दौरान मथुरा से आए रोहित एंड पार्टी ने भगवान शिव और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियां निकाल कर लोगों को भाव विभोर कर दिया। श्रावण मास की शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की ओर से बनाए भगवान शिव के शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया तथा रात्रि में भजन कीर्तन किया गया। इसमें मथुरा से आए कलाकार ओमबीर, पहाड़ी लोक गायक दिनेश शर्मा, विजय सिंह, वीणा कपिला ने शानदार भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।