ददाहू (सिरमौर)। रविवार रात से हो रही बारिश के कारण जिले के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। गिरि नदी का जल स्तर पर कई गुना बढ़ गया है, जिससे जटौन बैराज के सभी दस गेटों को खोलना पड़ा है। पानी की मात्रा बढ़ने से गिरि विद्युत परियोजना का उत्पादन 60 मेगावाट से बढ़कर 98 मेगावाट पहुंच गया है। जबकि, पानी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से बार-बार परियोजना के टरबाइनों को बंद करना पड़ रहा है। क्षेत्र में रविवार से लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को गिरि नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते जटौन बैराज के सभी दस गेटों को खोलना पड़ा। इनमें से गेट नंबर एक से चार को 18 इंच तथा गेट नंबर पांच से 10 को 9-9 इंच खोला गया था लेकिन, शाम को गेट तीन-तीन फीट तक खोलने पड़े। ददाहू के तहसीलदार देवी सिंह कौशल ने बताया क्षेत्र में रेणुका क्षेत्र में 98 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो इस वर्ष की सर्वाधिक वर्षा है। उन्होंने बताया कि अभी तक नुकसान का कोई समाचार नहीं है। उधर, गिरि परियोजना में उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ सिल्ट की समस्या भी बढ़ गई है। बैराज के एसडीओ कमलजीत शर्मा ने बताया कि 60 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 45 क्यूमेक्स पानी की आवश्यकता रहती है। तीन से चार बजे गिरि नदी का जल स्तर 2146 क्यूमेक्स पहुंच गया है। शाम को दोबारा गेट तीन-तीन फीट तक खोलने पड़े। पानी को बाहर निकालने के बाद मशीनें बंद कर दी गई हैं। उत्पादन प्रभावित हो गया है।