कक्षाएं लगाने के लिए कमरे तक नहीं, कैसे संवरेगा भविष्य
औद्योगिक क्षेत्र के कालाअंब स्कूल में मूलभूत सुविधाएं नहीं
खस्ताहाल हो चुका है स्कूल भवन, सुरक्षा भी खतरे में
अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर) औद्योगिक क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कालाअंब आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। साल 2012 में उच्च पाठशाला से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्तरोन्नत हुए इस स्कूल को एक अदद भवन की सालों से दरकार है। हैरानी की बात है कि अभी तक विद्यालय में जो सुविधाएं उपलब्ध हैं, वे एक मिडिल स्कूल स्तर की ही हैं। विद्यालय भवन के कमरे विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से काफी छोटे हैं। मौजूदा समय में इस विद्यालय में लगभग पांच सौ विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छठी से दसवीं कक्षा तक प्रत्येक कक्षा में सौ के करीब विद्यार्थी हैं। इनको अलग-अलग सेक्शन में बांटा गया है। लिहाजा, पहले सेक्शन कमरे में तो दूसरे को प्रांगण या बरामदे में बैठाकर कक्षाएं संचालित हो रही हैं। यही नहीं, स्कूल भवन की इमारत भी खस्ताहाल हो चुकी है। बरसात में छत से पानी टपक रहा है। दीवारों में सीलन आ रही है। कई जगह दीवारों और बीम में दरारें पड़ चुकी हैं। फर्श में गड्ढे पड़ गए हैं। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ अध्यापकों की सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है। अभिभावकों और एसएमसी प्रधान दर्शनलाल, खेमचंद, सीता देवी, मनु भाटिया, कश्मीर सिंह समेत दर्शना देवी ने बताया कि स्कूल में कमरों की भारी कमी है और विद्यालय की इमारत की खस्ताहालत हो गई है। इसके अलावा विद्यालय में हेल्थ केयर और सिक्योरिटी वोकेशनल विषयों की अलग-अलग प्रयोगशाला भी नहीं है। इस कारण विद्यार्थियों को दोनों विषय पढ़ने में परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों की संख्या और वोकेशनल विषयों के लिहाज से भवन में पर्याप्त कमरे नहीं हैं। कमरों की भारी कमी के कारण ही जमा दो तक स्तरोन्नत होने के बावजूद विद्यालय में सिर्फ कला संवर्ग की कक्षाएं ही शुरू हो पाई हैं। विज्ञान या वाणिज्य संवर्ग में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को दूरदराज के विद्यालयों में ही जाना पड़ रहा है। अभिभावकों ने विद्यालय की मौजूदा स्थिति को जल्द सुधारने और कमरों की उचित व्यवस्था करने की मांग शिक्षा विभाग से की है। उधर, शिक्षा उपनिदेशक उमेश बहुगुणा ने बताया कि कालाअंब स्कूल की रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त और शिक्षा निदेशक को भेजी गई है। जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।