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सड़क सुविधा न मिली तो जमा करवा देंगे वोटर कार्ड

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सतौन (सिरमौर)। हम देंगे हर घर को सड़क...। बिछा देंगे गांवों में सड़कों का जाल...। कुछ ऐसे ही चुनावी वायदों के साथ सरकारें सत्ता में आती हैं। कुर्सी मिलते ही वायदे तो वायदे नेताजी भी मुश्किल से ही मिल पाते हैं। जी हां, आजादी के सात दशक बाद भी गिरिपार का एक गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। आज भी ग्रामीण मीलों का सफर पैदल ही तय कर रहे हैं। लिहाजा, इस बार ग्रामीणों के सब्र का बांध भी टूट रहा है। गिरिपार क्षेत्र के पांवटा विधानसभा क्षेत्र के डांडा पागर पंचायत का शमियाला गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीण प्रताप सिंह, पूर्व प्रधान अमर सिंह, खत्रीराम, जीत सिंह, अमर सिंह, रंगीलाल, इंद्र सिंह, गीताराम धीमान और नैनसिंह आदि ने साफ कहा कि यदि सड़क का कोई समाधान नहीं निकला तो लोग सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। सभी अपना-अपना वोटर कार्ड जमा करवा देंगे। उन्होंने कहा कि करीब तीन साल पहले धौलीढांग से शमियाला के लिए सड़क बनाने का कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए दो लाख विधायक निधि से मिले तो तीन लाख की राशि ग्रामीणों ने खुद जुटाई लेकिन, पांच लाख में महज डेढ़ किमी सड़क ही बन पाई। डेढ़ किमी सड़क का निर्माण वन विभाग की जमीन होने के कारण नहीं हो पाया। इसके बाद सरकार ने राजपुर-कुलथीना-शमियाला वाया नावी करीब आठ किमी सड़क की निर्माण की योजना बनाई। शमियाला निवासी प्रताप सिंह और मेहर सिंह ने लोनिवि के नाम जमीन भी कर दी। लेकिन, जब इस सड़क की डीपीआर तैयार की गई तो शमियाला को छोड़ दिया गया। अब सड़क राजपुर से कुलथिना तक ही बनाई जाएगी। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है। अब आठ किमी की जगह छह किमी सड़क कुलथिना तक ही बनेगी। ग्रामीणों ने बताया कि शमियाला, बुतकिल और धार के लगभग तीन दर्जन परिवार सड़क सुविधा से वंचित हैं। इससे ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। एक दर्जन के करीब स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को पांच से छह किमी का पहाड़ी रास्ता पैदल तय करना पड़ रहा है। यह रास्ता खतरनाक भी है। सड़क सुविधा न मिलने से ग्रामीण परिवेश के बच्चे पढ़ाई के लिए मैदानी इलाकों में पलायन कर रहे हैं। इस समय प्राथमिक पाठशाला शमियाला में केवल पांच बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यदि यही हाल रहे तो एक दिन ऐसा आएगा, जब इस स्कूल में कोई बच्चा नहीं पढ़ेगा। सतौन सब डिवीजन के सहायक अभियंता विशाल भारद्वाज ने बताया कि राजपुर-कुलथिना-शमियाला वाया नावी सड़क की डीपीआर तैयार है। वन विभाग को 50 लाख की पेमेंट जमा करानी है। सड़क से कोई गांव नहीं छूटा है। गांव से थोड़ा दूर यह सड़क निकलेगी। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पेड़ों को सबसे कम नुकसान वाली एलाइनमेंट ही फाइनल की जाती है।
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