किसानों को बताई शून्य लागत खेती की तकनीक
शिलाई में जागरूकता शिविर में पहुंचे डेढ़ सौ किसान
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। कृषि प्रौद्योगिकी प्राधिकरण (आत्मा) विकास खंड शिलाई के सौजन्य से किसानों के लिए शिविर लगाया गया। शिलाई में आयोजित शिविर में क्षेत्र के डेढ़ सौ के करीब किसानों ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य शून्य लागत से किसानों को खेती करने के बारे में जानकारी देना था। किसानों को शून्य लागत से खेती आरंभ करते हुए कृषि विकास अधिकारी शिलाई डॉ. अश्विनी कुमार ने बताया कि आज के दौर में कीटनाशक और रासायनिकों से पूरी खेती जहर बन गई है। लिहाजा, जहर मुक्त खेती करना अनिवार्य है। रासायनिक खादों और दवाइयों के बिना हर्बल खेती शुरू करने के लिए मुफ्त में मिलने वाले गोमूत्र, गोबर और लस्सी आदि से खाद, कीटनाशक तैयार कर इसका सदुपयोग करके खेती शुरू कर देनी चाहिए, जिससे इस जहर रूपी दानव से मुक्ति मिल सके। किसान इस खेती को शून्य लागत से शुरू कर सकते हैं। किसान गाय के गोबर, गोमूत्र से खाद व कीटनाशक दवाई बिना किसी लागत के अपने घर में ही तैयार कर सकते हैं। उन्होंने सभी किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि विभाग इसके बारे में हरसंभव जानकारी किसानों को देगा। इस अवसर पर पशुपालन विभाग से इंद्र ठाकुर, पांवटा कृषि विकास अधिकारी उपेंद्र कुमार, बागवानी विभाग से उदय सिंह तोमर, कृषि विभाग के डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, आत्मा परियोजना की असिस्टेंट टीम के मैनेजर सुरेश कुमार सहित क्षेत्र के किसान शेर सिंह, दौलतराम, अंजू, कृष्णा देवी, शांति देवी, बाबूराम, प्रकाश शर्मा, मदन सिंह तोमर, रघुवीर तोमर, तोताराम नेगी, प्रकाश कल्याण, गुमान सिंह, सुंदर सिंह, तोताराम, बिशन सिंह, मान सिंह सहित कई किसान उपस्थित रहे।