अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)। जिले में वीरवार दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट ली। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले इलाकों में बारिश से सिरमौर दोबारा शीतलहर की चपेट में आ गया है। चूड़धार में ताजा हिमपात ने फिर ठंडक बढ़ा दी है। निचले क्षेत्रों में वर्तमान समय में कभी गर्मी तो कभी सर्दी वाले मौसम का आलम है। ऐसे में लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी भीषण सर्दी का प्रकोप बना हुआ है। वीरवार को नौहराधार, हरिपुरधार, चूड़धार, संगड़ाह आदि क्षेत्रों के साथ नाहन, पांवटा और शिलाई आदि इलाकों में बारिश हुई। अच्छी धूप न खिलने और लगातार बारिश ने इस बार किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई किसान नकदी फसल की पौध नहीं लगा पा रहे हैं। वहीं, कई जगह गेहूं की फसल के खराब होने की आशंका बनी हुई है। वीरवार दोपहर बाद नौहराधार और हरिपुरधार का अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इससे ठंड में काफी इजाफा हो गया है। इससे पहले सोमवार को भी मौसम के करवट बदलने से जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया था। वहीं, मौसम विभाग की माने तो आगामी दो दिन तक मौसम खराब रहेगा। मौसम के परिवर्तन से सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में 18 से 24 फीट बर्फ जमा हो गई है। मार्च माह में भी स्कूली बच्चों को भारी ठंड में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के प्रकोप से 40 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। उधर, किसान अत्तर सिंह, राजपाल, मोहनलाल, जगमोहन, प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश बर्फबारी जहां हरे चारे और फसल के लिए लाभदायक है, वहीं जरूरत से ज्यादा बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए हानिकारक भी है। इस बार आलू की बिजाई अभी तक नहीं हो पाई है। मुख्य नकदी फसल लहसुन भी पीलापन बीमारी की चपेट में आ गई है। चूड़धार मंदिर के पुजारी कमलानंद जी महाराज ने बताया कि वीरवार को सुबह 11 बजे से लगातार बर्फबारी हो रही है। पिछला बर्फ भी अभी यहां 15 से 20 फीट तक जमा है। इसके ऊपर करीब तीन फीट से ज्यादा बर्फ वीरवार को गिरी। उन्होंने बताया कि इस साल चूड़धार में 18 बार बर्फबारी हो चुकी है। कमलानंद जी महाराज ने लोगों से आग्रह किया कि वे यहां आने से परहेज करें। अपने घरों में सुरक्षित रहें। किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं।