रिकांगपिओ में स्वास्थ्य और आयुष विभाग की ओर से कार्यशाला में सीएमओ किन्नौर डॉ. सोनम नेगी ने अध्
चिकित्सकों और फार्मासिस्टों को टीबी रोग के निदान की सिखाई बारीकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर मुख्यालय रिकांगपिओ में स्वास्थ्य और आयुष विभाग ने कार्यशाला लगाई। सीएमओ किन्नौर डॉ. सोनम नेगी ने अध्यक्षता की। सीएमओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को टीबी रोकथाम को लेकर दिशा-निर्देश दिए। वीरवार को सीएमओ सभागार रिकांगपिओ में आयुष विभाग जिला किन्नौर के चिकित्सकों और फार्मासिस्टों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिला चिकित्सा अधिकारी ने 15 चिकित्सकों और सात फार्मासिस्टों सहित तीन निजी प्रशिक्षुओं को टीबी रोग के बारे में आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले से टीबी रोग का निदान करना है। शिविर में उन्होंने चिकित्सकों और फार्मासिस्टों को निर्देश दिए कि यदि किसी को भी जिले में टीबी के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत बलगम की जांच करवाएं। रोग के निदान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि टीबी रोग को फैलने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि फेफड़े का टीबी रोगी यदि समय पर सावधानी नहीं बरतता है, तो यह बीमारी 10-15 व्यक्तियों में फैल सकती है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों को भी समय समय पर टीबी रोग के बचाव और रोकथाम के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं, दोपहर बाद एलोपैथिक और केमिस्टों को भी टीबी रोग की रोकथाम को लेकर प्रशिक्षण दिया गया और आवश्यक जानकारी प्रदान की गई, वहीं एसपी किन्नौर अभिषेक एस ने भी कार्यशाला में नारकोटिक्स के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला टीबी अधिकारी डॉ. सुधीर नेगी और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. गौरव सहित कई अन्य मौजूद रहे।