फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: रामपुर में नौनिहालों की माताओं को पढ़ाया पहली शिक्षक मां का पाठ

विज्ञापन
विज्ञापन
प्राथमिक पाठशालाओं की माताओं के लिए कार्यशाला संपन्न
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। प्रारंभिक शिक्षा खंड रामपुर की शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन पूर्व प्राथमिक पाठशालाओं की माताओं के लिए चल रही पहली शिक्षक मां कार्यशाला शनिवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला में 37 स्कूलों की करीब 150 माताओं को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला में पहली शिक्षक मां का पाठ पढ़ाया गया। कार्यशाला में प्रतिनियुक्त स्रोत समन्वयकों ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक पंच कोषों के विषय में जानकारी साझा करते हुए अन्नमय कोष और प्राणमय कोष के अंतर्गत शारीरिक विकास के लिए स्थूल व सूक्ष्म मांसपेशियों के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों से माताओं को अवगत करवाया। मनोमय कोष में बौद्धिक विकास के लिए अनेक गणितीय, समस्या समाधान और तुलनात्मक गतिविधियों को सम्मिलित करने पर चर्चा की गई। विज्ञानमय कोष में विद्यार्थियों के भाषाई, सामाजिक, भावनात्मक विकास के लिए कहानी, कविता, नाटक, बालगीत और लोकगीत आदि के जरिये दूसरों का सम्मान, रिश्तों की समझ, मिलकर बांटना, त्योहार मनाना और सहयोग करना आदि मूल्यों को पूर्व प्राथमिक स्तर से ही विकसित किए जाने पर बल दिया गया। सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने व सृजनात्मक कौशल के विकास को आनंदमय कोष के अंतर्गत विभिन्न कलात्मक व सृजनात्मक गतिविधियां जैसे नृत्य, गाना, ड्राइंग, कहानी, कविता बनाना, मिट्टी के खिलौने बनाना, रूई कागज, पत्तियों से आकृतियां बनाना, पारंपारिक लोकगीत, नृत्य और खेलों को शिक्षा में सीखने के लिए सम्मिलित करने सहित इनके महत्व से अवगत करवाया गया। कार्यशाला के दौरान उपस्थित माताओं ने कई गतिविधियों को समूह में स्वयं करके प्रदर्शित भी किया। इस अवसर पर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हेमलता जोधटा ने सभी माताओं, बीआरसीसी कार्यालय कर्मचारियों और स्रोत समन्वयकों का सेमिनार में भाग लेने पर आभार जताया। वहीं, अभिभावकों विशेषकर माताओं की ओर से सक्रिय सहयोग किए जाने का आह्वान करते हुए सकारात्मक सहयोग की उम्मीद जताई। केंद्र मुख्य शिक्षक शुरम लाल, केंद्र मुख्य शिक्षक दिनेश कायथ, मेहर चंद गौतम, कनिका कश्यप, कनक हस्टा, उमेश शरोट और ललित बदरेल ने बतौर स्रोत समन्वयक, सुनीता कश्यप और मनमोहन ने कार्यशाला के सफल आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। - संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें