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Rampur Bushahar News: अवैध संबंध के आरोपों के आधार पर पत्नी की गुजारा भत्ता याचिका खारिज

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फैमिली कोर्ट रामपुर का फैसला, पति से मांगे थे 10 हजार रुपये मासिक भत्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित फैमिली कोर्ट ने पत्नी की ओर से पति से 10 हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता दिलाने के लिए दायर याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट) की ओर से सुनाए फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता पत्नी अपने पति से अलग रहने का पर्याप्त कारण और उस पर लगे अवैध संबंधों आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य पेश करने में असफल रही। पत्नी ने अदालत में दावा किया था कि पति उसे प्रताड़ित करता था और मार्च 2017 में उसे घर से निकाल दिया था। उसने बताया कि बीमारी के कारण वह अब मजदूरी करने में असमर्थ है और उसके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है। याचिका में पति के हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में कार्यरत होने, 30 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन मिलने और सेब के बगीचे व जमीन से आय होने का हवाला देते हुए भत्ते की मांग की गई थी। वहीं, पति ने आरोपों से इन्कार करते हुए दावा किया कि पत्नी वर्ष 2014 में अपनी मर्जी से घर छोड़कर चली गई थी और वह एक अन्य व्यक्ति साथ पत्नी की तरह रह रही है। पति की ओर से पेश गवाहों ने भी इसी संबंध में बयान दिए। अदालत ने दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का आकलन करते हुए पाया कि पत्नी अपने साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकी। अदालत ने पति और उसके गवाहों के बयानों को भी ध्यान में रखा। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर अदालत ने माना कि पत्नी अलग रहने का पर्याप्त कारण साबित करने में विफल रही और उसकी गुजारा भत्ता याचिका खारिज कर दी।
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