निरमंड में सडक़ निर्माण को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण। संवाद
ग्रामीणों के प्रदर्शन के सातवें दिन निरमंड में एसडीएम की मध्यस्थता में हुई बैठक
सड़क की मांग पर कुछ काम शुरू करने की सहमति बनी
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड में गुगरा सड़क समेत सात मांगों को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने सातवें दिन 14 दिन का अल्टीमेटम दिया। ग्रामीणों ने कहा कि 14 दिन में सड़क का काम शुरू न हुआ तो 14 जून का चक्का जाम किया जाएगा। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम मनमोहन सिंह से मुलाकात की। एसडीएम को 14 जून को होने वाले धरने की सूचना दी और चक्काजाम की अनुमति मांगी। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग के साथ हस्तक्षेप किया। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन मनोज कुमार ने समाधान के लिए आश्वासन दिया। इस दौरान एसडीओ दलाश और निरमंड के साथ एक्सईएन ने बैठक बुलाई, जिसमें एक घंटे तक चर्चा हुई। बैठक में सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई, लेकिन तय हुआ कि 14 तारीख से पहले कुछ काम शुरू किए जाएंगे। इस पर प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि यदि 14 जून से पहले काम शुरू न किया गया, तो निरमंड में उग्र धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सीटू नेता और क्षेत्र के ग्रामीण पद्म प्रभाकर ने बताया कि स्लैब कलवर्ट डालने की मांग पूरा करने को तीन महीने का समय मांगा गया है, जबकि सड़क की मरम्मत पर 9 लाख खर्च के लिए 20 दिन का समय मांगा गया है। कहा कि मांग उठाई थी कि सड़क निर्माण के दौरान जिन लोगों ने जमीन दान दी थी, उनकी जमीनों को बचाने के लिए डंगे लगाए जाएंगे। इस पर सहमति नहीं बन पाई। वहीं शिला पानी में सेक्शन हुए स्लैब कलवर्ट का निर्माण छोड़ चुके ठेकेदार के कारण फिर से टेंडर प्रक्रिया होगी। लढागी से तराला तक सड़क मरम्मत के काम में 5 दिनों में तेजी लाने का आश्वासन दिया गया है। वहीं जीरो प्वाइंट से खादबी शौहण सड़क को 5 दिनों में पास किया जाएगा। 16 तारीख से पहले ट्रायल के लिए बस भेजी जाएगी। पद्म प्रभाकर ने कहा कि यदि जिन कामों पर सहमति बनी है, उनका कार्य जमीनी स्तर पर शुरू नहीं होता, तो 14 जून को उपमंडल मुख्यालय निरमंड में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।