अस्थमा के मरीज हल्का गर्म सरसों का तेल और सेंधा नमक मिलाकर करें छाती और पीठ की मालिश
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर में सर्दियों में बहुत अधिक ठंड पड़ती है। लोगों को अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना चाहिए। आयुर्वेद में क्वाथ यानी काढ़ा उपचार सर्दी-जुकाम और बुखार से बचाव में बहुत कारगर है। सर्दी में अस्थमा के मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में हल्का गर्म सरसों का तेल और सेंधा नमक मिलाकर छाती और पीठ की मालिश करनी चाहिए। इसके बाद गर्म सेक देने से कफ कम होता है और सांस लेने में राहत मिलती है। जिला आयुष अधिकारी किन्नौर डॉ. प्रवीण शर्मा ने सर्दी से बचाव के लिए सलाह दी। उन्होंने बताया कि जिले के 28 स्वास्थ्य संस्थानों में आयुर्वेदिक काढ़े उपलब्ध हैं। इनमें मद्याष्टि कशाय और आयुष क्वाथ शामिल हैं। कोविड के समय में भी इन काढ़ों ने अच्छे परिणाम दिए थे। नियमित सेवन से सर्दी-खांसी और जुकाम से बचाव होता है और ये परेशानी हो भी जाए, तो जल्दी राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को ठंडी चीजें न खिलाएं, हल्का गर्म पानी ही पिलाएं और सुबह-शाम बाहर जाते समय उनके सिर को टोपी से ढकें। इससे ठंडी हवा से बचाव होता है। डॉ. शर्मा ने बताया कि किन्नौर में मिलने वाले चुल्ली के तेल की मालिश बहुत लाभदायक है। मालिश हमेशा शरीर की दिशा हृदय की ओर करें। इससे जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और सर्दी में होने वाली तकलीफों में राहत मिलती है। मालिश के कुछ घंटे बाद गर्म पानी से नहाना चाहिए। तेल वात को दूर करने का उत्तम साधन है। सर्दियों में बाहर निकलना कम हो जाता है। ऐसे में सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान करना शरीर को स्वस्थ रखता है। शर्मा ने बताया कि हर व्यक्ति को अपने वजन के हिसाब से पर्याप्त पानी पीना चाहिए। उदाहरण के तौर पर 50 किलो वजन वाले व्यक्ति को रोज कम से कम 3 लीटर पानी पीना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सर्दियों में आयुर्वेदिक तरीकों का पालन करें और स्वस्थ रहें।