दो पंचायतों के लोग परेशान, उपचार के लिए पड़ रहा भटकना
मिडवाइफ का पद भी चल रहा रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड के उरटू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन साल से चिकित्सक नहीं है। यह स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। मरीजों की सही से जांच नहीं हो पा रही है। सितंबर 2022 से यहां चिकित्सक का पद नहीं भरा गया है। इस स्वास्थ्य केंद्र में पंचायत राहणू और गमोग के उरटू, नौणी, देउगी, खलेर, कड़ा, कतमोर, इशवा, ठारधार, लखी लांज, बड़ी लांज, कटमोरी लांज, घाटू शरशाह, मरघी, थथल के ग्रामीण उपचार के लिए पहुंचते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में मिडवाइफ का पद भी खाली है। लोगों को कहना है कि उन्हें मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे उनके समय की बर्बादी भी होती है और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है। प्रसव जैसी आपात स्थितियों में महिलाओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरटू में शीघ्र चिकित्सक और मिडवाइफ की नियुक्ति की मांग की है। उधर, कार्यकारी बीएमओ प्रदीप नेगी ने बताया कि चिकित्सक का पद खाली होने की रिपोर्ट समय-समय पर उच्च अधिकारी को भेजी जाती है। उम्मीद है कि जल्द उरटू स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती हो जाएगी।