तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को भेजा मांगपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहडू में यूजीसी की नीतियों के विरोध में सवर्ण समाज ने प्रदर्शन किया। साथ ही आर्थिक आधार पर आरक्षण और जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। सवर्ण समाज के सदस्यों ने रोहड़ू बाजार से होते हुए एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान तहसीलदार धीरज शर्मा के माध्यम से राज्यपाल को मांगपत्र भी भेजा। सवर्ण समाज के अध्यक्ष पवन नेगी ने बताया कि सवर्ण समाज में वर्तमान में लागू यूजीसी की नीतियों को लेकर असंतोष है। समाज ने मांग उठाई है कि शिक्षा व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न किया जाए। विद्यार्थियों और युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उन नीतियों की पुनः समीक्षा की जाए। झूठी शिकायत करने पर कठोर सजा का प्रावधान किया जाए। आरक्षण व्यवस्था को जातिगत आधार से हटाकर आर्थिक आधार पर लागू किया जाए। देश में आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए अस्थायी तौर पर लागू किया गया था। दशकों बीत जाने पर भी इस व्यवस्था को बंद नहीं किया गया है, इसलिए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की आवश्यकता है। आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू किया जाए ताकि समाज के कमजोर लोगों को इसका लाभ मिल सके। सवर्ण समाज का कहना है कि जबरन धर्मांतरण जैसी गतिविधियों सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है। यह प्रक्रिया दबाव, लालच और भय के आधार पर चल रही है। जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाई जाए। दोषियों को सख्त सजा का प्रावधान हो। एट्रोसिटी एक्ट का दुरुपयोग एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है इस कानून की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
रोहड़ू में तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को मांग पत्र भेजते स्वर्ण समाज के सदस्य