. जीएनएम नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान में आउटसोर्स से तैनात किए दो सुरक्षा और एक सफाई कर्मी
. स्कूल की जांच के लिए गठित समिति ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भेजी रिपोर्ट
. समिति ने समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों से निरीक्षण करवाने का भी दिया सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल (एमजीएमसी) में चल रहे जीएनएम नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान की अव्यवस्थाओं को दूर कर लिया गया है। स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं को अब सिंगल बेड की सुविधा और मैस का नए सिरे से आवंटन कर दिया गया है। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से आउटसोर्स पर दो सुरक्षाकर्मी और एक सफाई कर्मी भी तैनात किया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान जीएनएम नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान खनेरी में रहने वालीं केवल दो छात्राओं में टीबी की पुष्टि हुई थी। नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम की गाइडलाइन के अनुसार तुरंत एंटी टीबी इलाज शुरू किया गया। दोनों का इलाज का तय कोर्स के तहत पूरा हो गया है और दोनों छात्राएं अब ठीक हैं। प्रधान सचिव को सौंपी रिपोर्ट में बताया गया है कि एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने एमजीएमसी खनेरी के जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल के कामकाज, सुविधाओं और शिकायतों के आधार पर एक शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी थी। यह रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च और डिप्टी कमिश्नर शिमला को भी भेजी गई थी। एसडीएम की इस रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया कि संस्थान में प्रशासनिक, बुनियादी ढांचे से संबंधित, वित्तीय और संस्थागत मुद्दे हैं, जिन पर छात्राओं के कल्याण, सुरक्षा, सम्मान और उचित शैक्षिक माहौल बनाए रखने के हित में तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की जांच के लिए डॉ. डीएस वर्मा (संयुक्त निदेशक) स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया, जिसमें अन्य सदस्य भी शामिल थे। समिति ने खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. रोशन लाल कौंडल और जीएनएम नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान की तत्कालीन प्रिंसिपल नर्सिंग ऑफिसर मधु बाला को निर्देश दिए कि वे 14 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक कार्यालय में अपना पक्ष रखें। अपने पक्ष में खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि अब स्कूल की हर छात्रा को सिंगल बेड की सुविधा दी जा रही है। संस्थान में सफेदी भी करवाई गई और मैस व खाने की सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए टेंडर के जरिए नया कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से आउटसोर्स स्टाफ में से दो सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि एसडीएम के बताए गए कुछ सुधारात्मक प्रशासनिक उपायों की जानकारी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान के संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों यानी एमएस और पीएनओ को दी जानी चाहिए। साथ ही इस संस्थान का बार-बार और नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि कोई कमी पाई जाती है, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश जारी किए जा रहे हैं।