. टीजीटी पदनाम हटाने पर जिला प्रवक्ता संघ ने जताया रोष
. विसंगति दूर कर एक ही स्कूल प्रवक्ता नाम रखने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला शिमला ने प्रदेश में प्रवक्ताओं के दो पदनाम होने पर आपत्ति जताई है और इसका विरोध किया है। जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह लक्टू ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2010 में नियुक्त एवं पदोन्नत स्कूल प्रवक्ताओं को सरकार ने पहले पीजीटी पदनाम दिया गया था और वर्ष 2019 में प्रवक्ताओं का नामकरण बदलकर प्रवक्ता स्कूल न्यू कर दिया गया, जोकि न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 के बाद नियुक्त एवं पदोन्नत प्रवक्ताओं की शैक्षणिक योग्यता, सेवा शर्तें, वेतनमान, कार्य दायित्व एवं प्रकृति एक समान है। ऐसे में दो अलग-अलग पदनाम रखना समानता और न्याय सिद्धांतों के विपरीत है, जिससे प्रवक्ताओं में असमानता, भेदभाव और निराशा की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसी स्थिति में जिला शिमला संघ ने एक ही कैडर में दो पदनाम के निर्धारण पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश अध्यक्ष अजय नेगी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिलेगा और अपनी मांग रखेगा। इस भेदभाव को समाप्त करने का आग्रह करेगा। चीफ पैटर्न जेपी पराशर, पैटर्न प्रताप वर्मा, महासचिव आकाशदीप शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंवर, उपाध्यक्ष दिनेश भलूनी, वित्त सचिव गगन चौहान, आयोजन सचिव सुनील रणाइक एवं विजय कड्डा, मुख्य सलाहकार डॉ. विनोद मेहता, मुख्य कानूनी सलाहकार राजेश घालटा, कानूनी सलाहकार दिनेश खुराना, ललित हंसरेटा, बलवंत झोहटा, प्रेम चौहान, शमशेर शड़ेल, हरीश कांटा, सुरेश चौहान, भूपेंद्र कंवर, दीपचंद, अजय शर्मा, सुदर्शन शर्मा, महिला प्रकोष्ठ चेयर पर्सन पूनम मांटा, उपाध्यक्ष मीनाक्षी चौहान, मुख्य सलाहकार चंद्रकांता चौहान, सलाहकार कृष्णा नेगी, सचिव मनोरमा शर्मा सहित लेखिका पांटा ने प्रवक्ता संघ के दो कैडर होने की विसंगति को शीघ्र दूर कर एक ही स्कूल प्रवक्ता नामकरण रखने की मांग की।