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Rampur Bushahar News: रोहडू क्षेत्र में पारंपरिक जागरा महोत्सव शुरू, 15 सितंबर तक चलेगा उत्सव

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ग्रामीण हाथों में जलती हुई मशालें लिए देवता के अभिनंदन में रात भर नृत्य करेंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में पारंपरिक जागरा महोत्सव रविवार से शुरू हो गया है। यह उत्सव 15 सितंबर तक चलेगा। इसमें ग्रामीण अपने कुलिष्ठ देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। रातभर चलने वाले इस महोत्सव में ग्रामीण पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करेंगे। महोत्सव के लिए गांवों में देवताओं की पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ग्रामीण हाथों में जलती हुई मशालें लिए देवता के अभिनंदन में रातभर नृत्य करेंगे। वे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर थिरकेंगे। अधिकांश गांवों में यह पर्व 14 सितंबर की रात को मनाया जाएगा। शराचली क्षेत्र के पुजारली गांव में 15 सितंबर को जागरा उत्सव होगा। यह महोत्सव हर वर्ष सितंबर महीने में धूमधाम से मनाया जाता है। रोहडू, चिड़गांव, नावर और जुब्बल क्षेत्र के कई गांवों में इसका आयोजन होता है। हर गांव में ग्रामीण अपने-अपने कुलिष्ठ देवता की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रामीण अपने कुलिष्ठ देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने और गांव में सुख-समृद्धि लाने के लिए जागरा मनाते हैं। मान्यता के अनुसार, जागरे का आयोजन रात को ही किया जाता है। वे रात भर पारंपरिक गीत तू बरमा न जाए विरसुए की धुन पर नृत्य करते हैं। देवताओं के गुरों और ग्रामीणों का आग की मशालें लेकर किया जाने वाला नृत्य महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहता है।
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