बूढ़ी दिवाली मेले के दूसरे दिन निरमंड के रामलीला मैदान में नृत्य करते लोग। संवाद
बूढ़ी दिवाली मेला निरमंड में पारंपरिक नृत्य रहा मुख्य आकर्षण
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड में बूढ़ी दिवाली मेले के दूसरे दिन शनिवार को पारंपरिक लोक नृत्य मुख्य आकर्षण रहा। रामलीला मैदान में वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ ग्रामीणों ने नंगे पांव नृत्य किया। नृत्य के दौरान पहली पंक्ति में गांव के सबसे बुजुर्ग लोगों को तवज्जो दी गई। माता अंबिका के कारदार पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि तीन देवी-देवताओं के आगमन के साथ यह मेला शुरू हुआ। मेले के दूसरे दिन में यहां वृतासुर के वध की परंपरा बांड काटकर होती है और शाम के समय यहां पर पारंपरिक लोकनृत्य किया जाता है।