रोहड़ू। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में कारोबार के लिए बाहर से पहुंचे व्यापारियों का धंधा बारिश के कारण नौ दिनों से मंदा चल रहा है। मेले में पहुंचे व्यापारियों की दुकानें इस बार आठ मई तक चलेंगी। व्यापारियों को अस्थायी दुकानें लगाने के लिए दिए गए प्लाट की नीलामी से इस बार मेला कमेटी को 35 लाख का राजस्व मिला है।
राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले के लिए हर साल 18 अप्रैल से दो मई तक अस्थायी दुकानें लगाने का समय दिया जाता है। इस बार मेला कमेटी ने आठ मई तक अतिरिक्त समय दुकानें लगाने के लिए दिया है। सरकारी तौर पर रोहड़ू मेले का समापन 23 अप्रैल को हो चुका है। सड़क के किनारे दुकानें लगने से आम लोगों सहित प्रशासन को परेशानी रहती है लेकिन राजस्व जुटाने के चक्कर में उनको अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है।
राज्य स्तरीय मेले में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कपड़े, बर्तन व अन्य सस्ता सामान खरीदते हैं। इस बार एक सप्ताह से लगातार खराब मौसम के कारण व्यापारी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं।
मौसम साफ रहा तो आठ मई तक व्यापारियों को कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में प्लास्टिक, बर्तन, कपड़े, रेडिमेड गारमेंट का कारोबार होता है। मेला सबसे अधिक गुच्छी का कारोबार के लिए प्रदेश स्तर पर मशहूर है। यहां गुच्छी का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है।
हालांकि इस बार गुच्छी की पैदावार अच्छी है पर खराब मौसम के कारण दूर दराज गांव से लोग बहुत कम खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मेले में पहुंचे व्यापारी सलीम, अमन, चंद्र सिंह का कहना है कि अभी तक दुकानों का किराया ही पूरा नहीं हुआ है। इसके बाद यदि मौसम साफ रहा तो उनको कुछ कमाई की उम्मीद है। संवाद