करीब 20 दिन से दहशत में थे ग्रामीण संवाद न्यूज एजेंसी ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी तहसील की बड़ाच पंचायत के नावण गांव में तीन भालू एक पिंजरे में कैद हुए। वन विभाग के अधिकारी और चिकित्सक मौके पर पहुंचे। भालुओं को बेहोश कर उन्हें शिमला की टूटीकंडी लैब भेजा गया। हजारों ग्रामीणों ने अब राहत की सांस ली है। नावण गांव में 23 नवंबर से भालुओं के रिहायशी इलाकों में घूमने से ग्रामीणों में दहशत थी। ग्रामीण डर के साये में जीवन यापन करने को मजबूर थे और खेतों में जाने से भी डर रहे थे। भालुओं ने गांव में मधुमक्खी की पेटियों और गाय को भी नुकसान पहुंचाया था। कई गोशालाओं को क्षतिग्रस्त किया था। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इसके बाद वन विभाग ने गांव में पिंजरा स्थापित किया। इसके परिणाम स्वरूप तीन भालू पिंजरे में फंस गए। ग्रामीणों के सहयोग और वन विभाग की कोशिश के बाद तीन भालू एक साथ पकड़े गए। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम के साथ पशुपालन विभाग से भी चिकित्सक मौके पर पहुंचे। इसमें सबसे पहले चिकित्सक ने भालुओं को बेहोश किया। इसके बाद दूसरे पिंजरे में डालकर तीनों भालुओं को ले जाया गया। ग्रामीणों ने वन विभाग का आभार जताया है। उधर, रेंज अधिकारी ननखड़ी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि तीनों भालुओं को शिमला की टूटीकंडी लैब भेज दिया गया है। इसके बाद भालुओं को जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
ननखड़ी के नावण गांव में पिंजरे में फंसे तीन भालू। स्रोत : विभाग