लूहरी परियोजना प्रभावितों की बैठक में बनी सहमति, क्रमिक आंदोलन हुआ समाप्त। स्रोत : सभा
वर्ष 2021-22 के मुआवजे में एकमुश्त राशि और दरारों की राशि अदायगी पर भी बनी सहमति
सतलुज जल विद्युत निगम और किसान सभा के साथ बैठक के बाद क्रमिक आंदोलन खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
सतलुज नदी पर बनी लूहरी परियोजना से गड़ेच, बायल और बरकेली के प्रभावितों को जल्द वर्ष 2021-22 की फसल के नुकसान का मुआवजा मिलेगा। साथ ही परियोजना प्रभावितों को एकमुश्त राशि और दरारों की राशि अदायगी पर भी सहमति बनी है। लंबित मांगों को लेकर लूहरी परियोजना प्रभावित छह दिन से नीरथ में क्रमिक अनशन पर बैठे थे। हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के आह्वान पर चल रहा क्रमिक आंदोलन बुधवार को सतलुज जल विद्युत निगम और किसान सभा के साथ हुई बैठक के बाद स्थगित हो गया। हिमाचल किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा, लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और अध्यक्ष कृष्णा राणा ने कहा कि किसान सभा ने प्रभावित किसानों की लंबित मांगों को लेकर छह दिन से परियोजना का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद किया, क्योंकि जो समझौता परियोजना प्रबंधक के साथ 24 अप्रैल 2025 को हुआ था, उस समझौते को लागू करने में सतलुज जल विद्युत निगम पूरी तरह से असफल रहा था। उन्होंने कहा कि इस बीच सतलुज जल विद्युत निगम के सीएमडी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर के साथ शिमला में दो दिन तक परियोजना प्रभावित किसानों के लंबित समस्याओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जहां वर्ष 2021-22 में फसल के नुकसान का सर्वे हो चुका है, उसका मुआवजा तुरंत दिया जाएगा। इसमें गड़ेच, बायल और बरकेली शामिल है। इसके अलावा एकमुश्त राशि देने पर भी सहमति बनी है। वहीं, अन्य मुद्दों में मकानों में आई दरारों का मुआवजा शामिल है। किसान सभा ने कहा कि यदि सतलुज जल विद्युत निगम इस समझौते को लागू करने में विफल रही, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।