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Rampur Bushahar News: चौपाल में हिमाचल-उत्तराखंड के बीच ठोडा महासंग्राम 24 अक्तूबर को

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हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ चौपाल के अध्यक्षता करते विधायक बलवीर वर्मा। संवाद
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हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ की हुई बैठक
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पारंपरिक नाटी और रस्साकशी प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)।
हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ की एक बैठक चौपाल में हुई। इस बैठक में हिमाचल और उत्तराखंड के बीच होने वाले ठोडा महासंग्राम की तैयारियों पर चर्चा की गई। ठोडा महासंग्राम 24 से 25 अक्तूबर को चौपाल में होगा। यह महासंग्राम देवभूमि हिमाचल और उत्तराखंड के बीच पहला अनूठा मुकाबला होगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियों पर चर्चा हुई। महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। महासंघ के संयुक्त सचिव और समिति महासचिव ओपी मेहता ने बताया कि इस आयोजन के दौरान नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पारंपरिक नाटी और रस्साकशी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। मेहता ने कहा कि ठोडा खेल हिमाचल की समृद्ध लोक परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों से इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 80 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधियों ने ठोडा खेल को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सुझाव दिए। यह बैठक महासंघ के अध्यक्ष और विधायक बलवीर सिंह वर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें हिमाचल प्रदेश ठोडा एवं सांस्कृतिक महासंघ के महासचिव ओपी मेहता उपस्थित थे। सेवानिवृत्त आईएएस भागमल नंटा और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। पंचायत समिति अध्यक्ष गुलाब रमचाइक और ठाना पंचायत के प्रधान कमलेश शर्मा ने भी शिरकत की। प्रधान चांजू सुरेंद्र नेहटा, प्रेम दीवान, राहुल अमरेट और शांता जंदेव भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। ठोडा खेल का महत्व ठोडा हिमाचल की पारंपरिक खेल संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण खेल है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं होती रही हैं। यह खेल हिमाचल की पहचान का एक अभिन्न अंग है। आगामी महासंग्राम इस परंपरा को और मजबूत करेगा। यह आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा।
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