सांगला
वैली
की पांच पंचायतों के कचरे का होगा सुचारु प्रबंधन
हीलिंग हिमालयन फाउंडेशन के साथ मिलकर पंचायतें करेंगी कार्य
2023 से खराब पड़ा कचरा प्रबंधन संयंत्र होगा दुरुस्त, हजारों ग्रामीणों को मिलेगी राहत
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अब कचरा प्रबंधन की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। वैली की पांच पंचायतों के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। दिल्ली की हीलिंग हिमालयन फाउंडेशन के साथ मिलकर पांच पंचायतें कचरा प्रबंधन का काम करेंगी। क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को कचरा प्रबंधन की समस्या से निजात मिलेगी। गौर हो कि किन्नौर जिले की सांगला वैली की पांच पंचायतों चांसू, सांगला, कामरू, थेमगारंग और बटसेरी पंचायत में दो साल से कचरा प्रबंधन की समस्या बनी हुई है। इन पंचायतों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए कामरू पंचायत के कूपा गांव में कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापित किया गया था, जो साल 2023 से खराब पड़ा है। ऐसे में पंचायतों में रहने वाले हजारों ग्रामीण समस्या झेल रहे हैं। कचरे का सही प्रबंधन न होने से पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग परेशानी झेल रहे हैं। इसी समस्या को देखते हुए इन पंचायतों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन को हीलिंग हिमालयन फाउंडेशन दिल्ली ने हाथ आगे बढ़ाया है। संस्था के मिलकर साथ पांच पंचायतों के लिए कचरा प्रबंधन का कार्य किया जाएगा। योजना को लेकर सांगला के आंबेडकर भवन में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कल्पा के बीडीओ विनय सिंह ने की। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों और संस्था के पदाधिकारियों ने पांच पंचायतों से निकले वाले कचरे के सुचारु प्रबंधन के बारे में चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया कि जल्द ही कचरा प्रबंधन संयंत्र को दुरुस्त किया जाएगा। सभी सदस्यों ने सांगला वैली को स्वच्छ और सुंदर बनाने का प्रण लिया। बीडीओ विनय सिंह ने बताया कि संस्था एक सप्ताह के भीतर पांच पंचायतों का सर्वे करेगी। पंचायतों के सहयोग से कचरा प्रबंधन की समस्या को दूर किया जाएगा। जल्द ही योजना शुरू कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाएगी। इस मौके पर पंचायत प्रधान बटसेरी प्रदीप नेगी, प्रधान सांगला देवसांकी नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोक्टस, उप प्रधान थेमगारंग दीप कुमार नेगी, कामरू पंचायत प्रधान इंदुलक्ष्मी नेगी सहित अन्य मौजूद रहे। - संवाद