ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग-ओडी-बिथल सड़क के जीर्णोद्धार की पट्टिका लगाने पर प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के दौर में अब केंद्र की राशि भी प्रदेश सरकार की उपलब्धि बनकर पेश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के माध्यम से केंद्र सरकार की ओर से दी गई है, जबकि राज्य सरकार ने केवल डीपीआर भेजी थी। ऐसे में विधायक या प्रदेश सरकार की ओर से इसे अपनी उपलब्धि बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा की विधायक इतने सज्जन हैं कि मुख्यमंत्री भी उनकी बात नहीं सुनते, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में इस सड़क को पक्का करने की घोषणा हुई थी, जबकि उससे पहले क्षेत्रवासी धूल फांकते थे। अब दशकों बाद जब जीर्णोद्धार हो रहा है, तो श्रेय की होड़ मच गई है। भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि 41 किलोमीटर लंबी सड़क के पुनर्वास में समुचित चौड़ीकरण का प्रावधान क्यों नहीं किया गया। जनता को लाभ मिले, यह स्वागत योग्य है, लेकिन केंद्र के धन पर प्रदेश की मोहर लगाना राजनीतिक पैचवर्क से ज्यादा कुछ नहीं है।