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Rampur Bushahar News: ठियोग में बढ़ा कचरा शुल्क, घरों से 80 और कारोबारियों से 200 से एक हजार तक प्रतिमाह

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नगर परिषद ठियोग का कार्यालय।संवाद
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ठियोग नगर परिषद का कचरा शुल्क बढ़ा, 3.5 लाख रुपये घाटा पाटेगी
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. अन्य संस्थानों के शुल्क निर्धारित करने का ड्राफ्ट तैयार, राजपत्र में जारी किए गए नए नियम
. कचरा उठाने पर नगर परिषद का खर्च 5 लाख, आय महज डेढ़ लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
ठियोग नगर परिषद को कचरा प्रबंधन में हर महीने 3.5 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। इस घाटे की भरपाई के लिए नगर परिषद ने विभिन्न श्रेणियों के लिए मासिक कचरा शुल्क बढ़ा दिया है। नए शुल्क राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं। इसमें घरों से 80 रुपये प्रतिमाह और कारोबारियों से 200 से एक हजार रुपये तक प्रतिमाह कचरा शुल्क तय किया है। नगर परिषद को ठियोग कस्बे में कूड़ा-कचरा उठाने पर हर महीने करीब पांच लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके मुकाबले कचरा शुल्क से मात्र डेढ़ लाख रुपये की आय होती है। इस अंतर को पाटने के लिए शुल्क बढ़ाए गए हैं। कार्यकारी अधिकारी वरुण शर्मा ने बताया कि नए मासिक उपयोगकर्ता शुल्क राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं। घरेलू क्षेत्र के लिए शुल्क 50 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति माह किया गया है। छोटे दुकानदारों के लिए 100 रुपये, पान की दुकान के लिए 80 रुपये और चाय की दुकान के लिए 120 रुपये तय हैं। खुदरा सब्जी एवं फल विक्रेताओं को 200 रुपये और थोक विक्रेताओं को 800 रुपये देने होंगे। बैंकों के लिए 800 रुपये, सरकारी स्कूलों के लिए 160 रुपये और निजी स्कूलों के लिए 400 या 500 रुपये शुल्क है। छोटी बेकरी के लिए 200 रुपये और विनिर्माण इकाई वाली बेकरी के लिए 1,000 रुपये मासिक शुल्क रखा गया है। कचरा निस्तारण की व्यवस्था नगर परिषद के लिए एक और बड़ी चुनौती है। नगर परिषद के पास अपना संयंत्र है, लेकिन उसकी क्षमता मौजूदा जरूरत से काफी कम है। गीले कचरे के निस्तारण के लिए भरयाल केंद्र की सेवाएं ली जाती हैं। भरयाल केंद्र प्रति टन 500 रुपये शुल्क लेता है और हर सप्ताह करीब चार गाड़ियां भेजी जाती हैं। नगर परिषद अलग-अलग प्रकार के कचरे के निस्तारण की भी व्यवस्था करती है। जैव चिकित्सा कचरा अर्की की निर्धारित एजेंसी को भेजा जाता है। इलेक्ट्रॉनिक कचरा नालागढ़ की फैक्टरियों को भेजा जाता है। प्लास्टिक कचरे को संसाधित करने के बाद अंबुजा कारखाना भेजा जाता है। इन खर्चों से निपटने के लिए परिषद आने वाले दिनों में नए शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है।
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