रामपुर में प्रेसवार्ता करते ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर। संवाद
ठियोग में मिनी सचिवालय के बाद प्रशासनिक कार्यालय स्थापित करने का दिया सुझाव
. बोले, नशे के बड़े सौदागरों तक पहुंचे पुलिस, आपूर्ति के स्रोत पर हो कार्रवाई
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामपुर बुशहर।
ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि ऊपरी शिमला में नया जिला बनाने के लिए ठियोग सबसे अनुकूल स्थान हो सकता है। उन्होंने कहा कि चौपाल, रोहड़ू, रामपुर और जुब्बल-कोटखाई समेत ऊपरी शिमला के विभिन्न क्षेत्रों के लिए ठियोग सुविधाजनक है। रामपुर में प्रेसवार्ता के दौरान विधायक राठौर ने कहा कि ठियोग में मिनी सचिवालय बनकर तैयार है, जिसका जल्द लोकार्पण होगा। यहां पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ठियोग में जिला अस्पताल स्थापित करने की मांग उठाई थी, जिसे मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिमला में स्थित कुछ सरकारी कार्यालय ठियोग में स्थापित किए जाने चाहिए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी ठियोग में खोला जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका विधायक के तौर पर व्यक्तिगत सुझाव है और वह इसे तार्किक आधार पर रख रहे हैं। सरकार ने इस संबंध में आयोग का गठन किया है, जो वास्तविक परिस्थितियों का आकलन कर अपनी रिपोर्ट देगा। उन्होंने कहा कि जिला बनाने के लिए जिस स्थान का चयन किया जाएगा, उसकी भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए और इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। नशे की सप्लाई चेन तोड़ने की जरूरत नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए राठौर ने कहा कि पुलिस केवल नशा करने वालों और छोटी कड़ियों को पकड़ने तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के बड़े सौदागरों और इसकी आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि चोर नहीं, चोर की मां को पकड़ो। नशे की समस्या से निपटने के लिए उसके उद्गम स्थल पर चोट करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की आपूर्ति सीमा पार और दिल्ली जैसे बड़े केंद्रों से भी हो रही है। उन्होंने विधानसभा में विदेशी मूल के लोगों की गतिविधियों की जांच का मुद्दा उठाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए जिस स्तर पर प्रयास होने चाहिए, उनमें और तेजी लाने की जरूरत है। विधायक ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस का आधुनिकीकरण करने और उसे आधुनिक उपकरणों सहित पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाने की जरूरत है। साथ ही, नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। अस्पतालों में नशे के आदी लोगों के उपचार के लिए समर्पित कर्मचारियों की तैनाती भी जरूरी है। वह इस संबंध में सरकार के समक्ष मांग रखेंगे। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ सरकार, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा।