इष्ट के स्वागत की तैयारियों में जुटी मंदिर कमेटी, ढोल-नगाड़ों से स्वागत करेंगे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शलाटी घोड़ी के आराध्य देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू 12 फरवरी फाल्गुन संक्रांति को एक माह के स्वर्ग प्रवास से मंदिर लौटेंगे। अपने इष्ट देवता साहिब के आगमन की तैयारियों में मंदिर कमेटी जुट गई है। ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर अधिष्ठाता का स्वागत करेंगे। ग्रामीणों को देवता साहिब के स्वर्ग से लौटने का बेसब्री से इंतजार है। देवता साहिब लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास कमेटी कुमसू के अध्यक्ष जीवन चौहान ने कहा कि धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए देवता साहिब मकर संक्रांति को स्वर्ग प्रवास के लिए अपने देवालय से प्रस्थान करते हैं और एक माह के बाद फाल्गुन संक्रांति को अपने स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटते हैं। इन्हीं परंपराओं का निर्वहन करते हुए आराध्य देवता नरेशर 12 फरवरी को फाल्गुन संक्रांति (मनघावन) के दिन अपने स्वर्ग प्रवास से देवालय लौटेंगे। मंदिर पहुंचने पर देवता साहिब का जोरदार स्वागत किया जाएगा। उन्होंने शलाटी घोड़ी के सभी लोगों से आग्रह किया है कि मंदिर परिसर कुमसू में पहुंच कर अपने आराध्य देवता का स्वागत करें और आशीर्वाद प्राप्त करें। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।