नित्थर(कुल्लू)। शिमला जिले की ननखड़ी तहसील में बीते दिनों एक व्यक्ति ने आयुष विभाग में कार्यरत एक महिला आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी को डराने और हमला करने की मंशा से दराट उसकी ओर लहराया। आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी संघ कुल्लू ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने पुलिस ने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी संघ कुल्लू ने कहा कि महिला कर्मचारी से कार्यस्थल पर इस प्रकार का आक्रामक व्यवहार और तेजधार हथियार का उपयोग मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। जिला कुल्लू संघ के प्रधान नील राठौर ने कहा कि आयुष विभाग में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी समाज को स्वास्थ्य सेवाएं देने का कार्य करते हैं और ऐसे में उनके साथ डराने-धमकाने या हिंसक मंशा से किया गया व्यवहार न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यस्थल सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। राठौर ने कहा कि महिला कर्मचारी की ओर तेजधार हथियार लहराना एक गंभीर आपराधिक मंशा को दर्शाता है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उसके विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संघ ने आयुष विभाग सहित सभी सरकारी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता नीति अपनाने की मांग उठाई है।