निरमंड में हुई बैठक में मेले की अंतिम रूपरेखा की तैयार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी निरमंड (कुल्लू)। निरमंड में जिला स्तरीय बूढ़ी दिवाली मेला इस वर्ष भी हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। मेले की प्रमुख परंपरा इंद्र और वृतासुर के युद्ध की झलक देखने को मिलेगी। सोमवार को मेले को लेकर मेला कमेटी निरमंड की अंतिम बैठक हुई। पंचायत समिति हॉल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रदेश मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने की। बैठक में मेले की विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। जिला स्तरीय बूढ़ी दिवाली मेला 20 से 23 नवंबर तक चलेगा। बैठक में मेले को पुराने रीति-रिवाज के अनुसार मनाने का निर्णय लिया गया। रात्रि बूढ़ी दिवाली मेले में होने वाले पारंपरिक नृत्य में इंद्र और वृतासुर के मध्य युद्ध की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि इस प्राचीन धरोहर को संजोये रखने के लिए हमें मेले स्वरूप को बढ़ाने पर बल दिया जाना चाहिए ताकि हमारी निरमंड की प्राचीन संस्कृति कायम रह सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से इस मेले के आयोजन के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। बैठक में पूर्व एपीएमसी चेयरमैन कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति यूपेंद्रकांत मिश्रा, नगर पंचायत निरमंड अध्यक्ष ममता रानी, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, मिल्कफेड के पूर्व निदेशक कुलवंत राज कश्यप, मेला कमेटी अध्यक्ष एवं एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा तहसीलदार निरमंड रजत शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता आनंद शर्मा, माता अंबिका के कारदार पुष्पेंद्र शर्मा, पार्षद देवराज कश्यप, अमर चंद, पदमा शर्मा, उषा शर्मा, विद्या भारद्वाज सहित अन्य मौजूद रहे।
निरमंड में बूढ़ी दिवाली मेले को लेकर अंतिम बैठक में मौजूद कर्मचारी और अधिकारी। संवाद