रथ में विराजमान होने के बाद आराध्य देवता साहिब बूढ़ा महादेव की पूजा करते पुजारी।
साल में सिर्फ भादो माह में प्रवेश करते हैं रथ में
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर
(कुल्लू) l नित्थर उप तहसील के आराध्य देव बूढ़ा महादेव सोमवार को अपने रथ में विराजमान हुए। स्थानीय बुजुर्गों और देव मान्यता के अनुसार 2:00 बजे जब मंदिर के प्रांगण के मध्य भाग में कुंड से सूर्य की रोशनी हट जाती है, उसके बाद देवता साहिब बूढ़ा महादेव अपने रथ में विराजमान होते हैं। नित्थर क्षेत्र के हर गांव के ग्रामीण इस मौके पर पहुंचे। भादो महीने के साजे से हर दिन देवता साहिब बूढ़ा महादेव के मंदिर में हर शाम को भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। भादो के नौ प्रविष्टि को बूढ़ा महादेव अपने दूसरे मंदिर कूपरदढ़ के लिए रवाना होते हैं और 12 भादो को ढोल-नगाड़ों की मधुर धुनों पर अपने मंदिर कूपरदढ़ से बूढ़ा महादेव के मंदिर तक महादेव की शोभा यात्रा निकलती है, जिसमें बूढ़ा महादेव के हजारों भक्त शामिल होते हैं।