आनी की अदालत ने बीमा कंपनी को मुआवजा देने का दिया आदेश
साल 2023 में दूध इकट्ठा करने जाते समय परेषी नाला के पास हुई थी दुर्घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आनी की अदालत ने पिकअप दुर्घटना में जान गंवाने वाले हेल्पर-सह-कंडक्टर के परिजनों को 18.95 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने बीमा कंपनी को यह मुआवजा देने का आदेश दिया है। आनी उपमंडल के राम कृष्ण की 20 जून 2023 को एक पिकअप वाहन में हेल्पर-सह-कंडक्टर के रूप में काम करते हुए दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। राम कृष्ण की पत्नी और मां ने मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि राम कृष्ण अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। वह जनवरी 2023 से एक व्यक्ति की पिकअप में हेल्पर-सह-कंडक्टर के रूप में काम कर रहे थे। 20 जून 2023 को दूध इकट्ठा करने जाते समय परेषी नाला में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में राम कृष्ण की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। पिकअप मालिक ने राम कृष्ण को कर्मचारी के रूप में रखने और दुर्घटना होने की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि वह राम कृष्ण को 18 हजार रुपये प्रति माह वेतन देते थे, जबकि परिजनों ने 20 हजार रुपये प्रति माह का दावा किया था। अदालत ने पाया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन बीमा कंपनी लिमिटेड से बीमित था। बीमा पॉलिसी में कंडक्टर और ड्राइवर भी शामिल थे। बीमा कंपनी ने मामले में कोई जवाब नहीं दिया और एकतरफा कार्रवाई का सामना किया। इस कारण बीमा कंपनी को पूरी मुआवजे की राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी ठहराया गया। अदालत ने साक्ष्य के आधार पर राम कृष्ण का मासिक वेतन 20 हजार रुपये माना। हादसे के समय उनकी आयु 38 वर्ष निर्धारित की गई। कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, कुल 18,95,600 रुपये का मुआवजा तय किया गया। इस राशि पर 20 जुलाई 2023 से 12 फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा।