लालसा, ध्वालसा और पौ गांव की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में निकाली जल यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। परशुराम की चार ठहरियों में शुमार लयापुरी लालसा में छह दिवसीय दोगणू देवता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का मंत्रोच्चारण और विधि विधान के साथ शुभारंभ हो गया। पहले दिन माता मंगला काली और दोगणू देवता की नवनिर्मित कोठी (मंदिर) में कलश यात्रा के साथ अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। यह कलश यात्रा ध्वालसा, पौ गांव के बीच प्राचीन जल स्रोत बावड़ी से शुरू हुई। पंडितों ने हवन यज्ञ किया। इसके बाद महिलाओं और मंदिर के कार कारिंदे ने मिट्टी की जगह तांबे के लोटे और चुनरी के साथ मंदिर तक जल यात्रा निकाली। कलश यात्रा में लालसा, ध्वालसा और पौ गांव की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। इससे पूर्व पंडितों ने विधि विधान के साथ बेर शांति स्थापना की नींव रखी। इसके बाद देवता साहिब दोगणू ने कलश यात्रा रवाना किया। देवता साहिब दोगणू मंगला काली मंदिर समिति प्रधान शीश शर्मा और उप प्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि गांव में पेश आई घटना के चलते कार्यक्रम में फेरबदल कर कलश यात्रा दोपहर बाद शुरू हुई। भारी संख्या में महिलाओं और मंदिर के कार-कारिंदों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को सुचारु रूप से चलाने में 11 पंडितों की ओर से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की रस्म निभाई जा रही है। पंडितों में मुख्य तौर पर रोशन लाल शर्मा, राजेश्वर शर्मा, सुधीर शर्मा, पवन शर्मा, राम कुमार शर्मा, मुकुल शर्मा, ज्योति लाल शर्मा, गणेश शर्मा, श्याम दत्त, नरेंद्र और विशेषर भूमिका निभा रहे हैं। देवता साहिब की ओर से इनका चयन किया गया है। कलश यात्रा में देवता साहिब के साथ देवलू भी उपस्थित रहे।
ध्वालसा और पौ गांव के बीच में स्थिता बावड़ी से प्राण प्रतिष्ठ कार्यक्रम के लिए पहुंचाया पानी। स
ध्वालसा और पौ गांव के बीच में स्थिता बावड़ी से प्राण प्रतिष्ठ कार्यक्रम के लिए पहुंचाया पानी। स
ध्वालसा और पौ गांव के बीच में स्थिता बावड़ी से प्राण प्रतिष्ठ कार्यक्रम के लिए पहुंचाया पानी। स