आरडीजी को जानबूझ कर रोकना हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। आम आदमी पार्टी किन्नौर के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार नेगी ने केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश की आर्थिक घेराबंदी करने का आरोप लगाया है। प्रेस को जारी बयान में जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को जानबूझकर रोकना हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है। इस कारण प्रदेश आज 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय अनुदान से वंचित हो गया है। उन्होंने केंद्र की इस नीति को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि हिमाचल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के लिए यह अनुदान रीढ़ की हड्डी के समान है। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य संचालित होते हैं। मनीष नेगी ने इस आर्थिक संकट के लिए राज्य की वर्तमान, पूर्ववर्ती कांग्रेस और भाजपा सरकारों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही दलों ने दशकों तक शासन करने के बावजूद हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। प्रदेश के पास जल विद्युत, पर्यटन और बागवानी जैसे समृद्ध संसाधन होने के बावजूद यहां की सरकारें हमेशा दिल्ली की मदद पर निर्भर रहीं और अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए पारदर्शी नीतियां नहीं बनाईं। नेगी ने केंद्र के सबका साथ-सबका विकास के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहाड़ी राज्यों को आर्थिक दंड देना संघीय ढांचे का अपमान है। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के हिमाचल का बकाया आरडीजी फंड बहाल करना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार को भी नसीहत दी कि वह केंद्र के सामने केवल समझौते न करे, बल्कि प्रदेश के हक के लिए मजबूती से अपनी आवाज उठाए। नेगी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि यह आर्थिक अन्याय तुरंत बंद नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर जन-आंदोलन शुरू करेगी।