दुर्गा माता मंदिर हाटकोटी में पहुंचे समराह वैली के देवता महेश्वर पुजारली समरकोट से कारदार व दे
पुजारली गांव में वर्ष 1995 में हुआ था भूंडा महायज्ञ
अभी तय नहीं कितने सालों का लगेगा समय
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। समरकोट क्षेत्र के पुजारली गांव के देवता महेश्वर के कारदार माता के जयकारे के साथ दुर्गा माता मंदिर हाटकोटी में पहुंचे। सभी लोगों ने विशेष पूजा के बाद माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। उसके बाद अब महेश्वर मंदिर में अगले भूंडा यज्ञ की तैयारियां शुरू की जाएंगी। समरकोट के पुजारली गांव में वर्ष 1995 में अंतिम भूंडा महायज्ञ का आयोजन किया गया था। उस अनुष्ठान में दुर्गा माता नहीं पहुंची थी। अब देव परंपरा के अनुसार देवता महेश्वर के आदेश पर इस क्षेत्र से भारी संख्या में लोग हाटकोटी पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुरानी परंपरा को पूरा करने के साथ पूजा-अर्चना के बाद यहां से वापसी हुई है। इस साल सपैंल वैली के दलगांव में भूंडा महायज्ञ का आयोजन किया गया था। उसके मेहमान देवता महेश्वर मौजूद थे। उसके बाद अब देवता महेश्वर के पुजारली मंदिर में भूंडा यज्ञ की तैयारिंयां शुरू होंगी, लेकिन यह तय नहीं है कि भूंडा महायज्ञ को कितने सालों का समय लगेगा। सेवानिवृत्त तहसीलदार गोपाल कृष्ण मुखिया ने बताया कि भूंडा यज्ञ की तैयरियों में दस से पंद्रह साल का समय भी लग सकता है। मंदिर निर्माण से लेकर कई तैयारियां पहले से करनी होती हैं। दुर्गा माता मंदिर के भंडारी भवानी दत्त शर्मा ने बताया कि पुरानी परंपरा को पूरा किया गया है, इसलिए देवता महेश्वर के आदेश पर सभी लोग यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा देव परंपरा के साथ आपसी भाईचारा, मेल-मिलाप धार्मिक अनुष्ठान का एक हिस्सा रहता है।