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Rampur Bushahar News: किनफी में चार महीने बाद पहुंची बस, सुबह नहीं हुई स्टार्ट

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रामपुर के किनफी में मंगलवार सुबह स्टार्ट नहीं हुई निगम की बस, यात्री परेशान। स्रोत : जागरूक पाठ
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दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीणों ने जताया रोष, बस सुधार की उठाई मांग
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कई महीने से आवाजाही में परेशानी झेल रहे ग्रामीण व स्कूली बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) रामपुर डिपो की खस्ताहाल बस सेवा के कारण दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीण और विद्यार्थी परेशानी झेल रहे हैं। रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र किनफी में चार महीने से बस सेवा ठप थी। सोमवार शाम को बस किनफी पहुंची, तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन मंगलवार सुबह बस स्टार्ट ही नहीं हुई। इसके बाद कुछ लोगों को पैदल और कुछ लोगों को निजी गाड़ियों में गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। दुर्गम क्षेत्र के लोगों के लिए बस ही आवागमन का प्रमुख साधन है, लेकिन सेवा नियमित न होने और बसों के बीच रास्ते में खराब होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बस स्टार्ट न होने के कारण कुछ यात्री पैदल ही अपने गंतव्य की ओर चल पड़े, तो कुछ लोगों ने बस के ठीक होने का इंतजार किया। कई ग्रामीण कुथरू तक पैदल पहुंचे और वहां से निजी छोटी गाड़ियों में रामपुर गए। बस खराब होने के कारण अधिक समस्या विद्यार्थियों को पेश आई। किनफी से करीब 10 किलोमीटर दूर क्याओ स्कूल जाने वाले विद्यार्थी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए। बस सेवा अनियमित रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। अनिल, भूप सिंह, सुंदर सिंह, अनीता देवी और विनोद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बस सेवा करीब चार महीने बाद शुरू हुई थी, लेकिन बस के खराब होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों में ऐसी खटारा बसें न भेजें। कई बार बीच रास्ते में ही खड़ी हो जाती है, जिससे भी लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने हिमाचल पथ परिवहन निगम से मांग की है कि दुर्गम क्षेत्रों में बसों को भेजने से पहले उनकी तकनीकी जांच की जाए और क्षेत्र में नियमित बस सेवा सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीणों और विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

सुबह के समय बस नहीं भेजी गई। शाम के समय फिर से बस भेजी गई है। बसों की नियमित जांच की जा रही है। - हुमेश ठाकुर, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
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