रिकांगपिओ (किन्नौर)। भाजपा अनुसूचित जनजातीय मोर्चा, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुनील नेगी ने शिक्षिका यंकित पलमो के कथित राजनीतिक दुर्भावना से किए जा रहे स्थानांतरण पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पदोन्नति के बाद उन्हें फिर से दुर्गम क्षेत्र में भेजने का प्रयास किया जा रहा है। नेगी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। सुनील नेगी ने कहा कि किन्नौर में राजनीतिक दुर्भावना की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने स्थानीय विधायक और हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी पर भाजपा और आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रति भेदभाव का आरोप लगाया। यंकित पलमो एक आदिवासी और एकल महिला शिक्षिका हैं, जो वर्तमान में एचटी पलांगी निचार क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्हें पहले भी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परिस्थितियों और एकल महिला होने के कारण दूरदराज क्षेत्र में तैनाती से राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा था। अब पदोन्नति के बाद उनके स्थानांतरण को लेकर ऐसी परिस्थितियां सामने आई हैं। उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2026 को सीडब्ल्यूपी संख्या 13247/2026 में विभागीय अधिकारियों को मामले पर विवेकपूर्ण निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। नेगी ने जोर दिया कि न्यायालय के निर्देश के बावजूद शिक्षिका को दुर्गम क्षेत्र में भेजने का प्रयास गंभीर चिंता का विषय होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ उसकी राजनीतिक विचारधारा या पारिवारिक संबंधों के कारण भेदभाव नहीं होना चाहिए। नेगी ने मुख्यमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि एकल महिला शिक्षिका राजनीतिक दुर्भावना का शिकार न हों। उन्होंने सरकार की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ समानता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। विशेषकर एकल और जनजातीय महिला कर्मचारियों के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।