चौपाल (रोहड़ू)। एसोसिएशन ऑफ स्कूल प्रिंसिपल्स एंड इंस्पेक्शन ऑफिसर्स, हिमाचल प्रदेश ने राज्य के सीबीएसई स्कूलों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उच्च स्तरीय कैबिनेट समिति के गठन का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि शर्मा ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित इस समिति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। इस समिति में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर समेत कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी और राजेश धर्माणी को शामिल किया गया है। एसोसिएशन ने इस फैसले को शिक्षकों और छात्रों के हित में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील कदम बताया है। एसोसिएशन ने समिति से आग्रह किया है कि इन विद्यालयों में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की तैनाती को लेकर व्यावहारिक निर्णय लिए जाएं। सुझाव दिया गया है कि स्क्रीनिंग टेस्ट पास कर चुके वर्तमान स्टाफ को उन्हीं स्कूलों में निरंतरता दी जाए, ताकि शैक्षणिक स्थिरता बनी रहे। संगठन ने आयोग के माध्यम से शिक्षकों की शीघ्र तैनाती और नए प्रधानाचार्यों के लिए विशेष नियम तय करने का भी सुझाव दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि नवनियुक्त प्रधानाचार्यों को सीधे सीबीएसई स्कूलों में न भेजकर पहले हिमाचल बोर्ड के स्कूलों में 6 महीने से 1 साल की अनिवार्य परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रखा जाए। इसके बाद उनके प्रशासनिक और शैक्षणिक मूल्यांकन के आधार पर ही उन्हें सीबीएसई स्कूलों में तैनात किया जाए। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि समिति सभी पक्षों को सुनकर एक संतुलित निर्णय लेगी, जिससे स्कूलों में उत्कृष्टता का माहौल बना रहे।