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Rampur Bushahar News: टरू नारायण मंदिर बाहली का पुनर्निर्माण कार्य शुरू

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परशुराम मंदिर समिति ने निर्माण कार्य का उठाया बीड़ा
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दिसंबर में मंदिर और सेब के सैकड़ों पेड़ चढ़े गए थे आग की भेंट
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। करीब साढ़े सात हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित टरू नारायण मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य का बीड़ा परशुराम मंदिर समिति ने उठाया है।
दिसंबर में नवनिर्मित मंदिर आग की भेंट चढ़ गया था। करीब 10 लाख की लागत से निर्मित मंदिर लकड़ियों की नक्काशी और नालीदार चादरों से सुसज्जित था। इस घटना में मंदिर के साथ देवता के फलदार सेब के सैकड़ों पेड़ आग की भेंट चढ़ गए थे। नुकसान की अनुमानित लागत करीब 10 लाख आंकी गई थी। मौके पर प्रशासन की तरफ से उपमंडलाधिकारी हर्ष अमरेंद्र सिंह की अगुवाई में राजस्व टीम भी पहुंची थी, लेकिन मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के समक्ष सरकार और प्रशासन की ओर से मंदिरों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं होने की बात कही थी। मंदिर समिति को किसी भी प्रकार की सहायता सरकार से न मिलने को देखते हुए स्वयं अपने स्तर पर अब पुनर्निर्माण की पहल की है। मंदिर में टरू नारायण की पत्थर की शैली में स्थापित मूर्ति के पीछे प्राचीन काल से मान्यता है कि क्षेत्र में जब आंधी-तूफान की आपदा आती है तो गांव के लोग मंदिर में जाकर धार्मिक परंपरा के अनुरूप पूजा-अर्चना करते हैं। तभी टरू नारायण अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर ऐसी आपदा से रक्षा करते हैं। दूसरा अहम पहलू यह है कि साल में एक बार सितंबर में बाहली मेला देवता साहिब दमुख डंसा की अगुवाई में आयोजित किया जाता है। कंडे से भेड़-बकरियों की घर वापसी पर फुआल मेले में आते थे और पहाड़ी वेशभूषा में सजधज कर नृत्य करते थे, लेकिन आज के इस आधुनिक युग में मेले के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी, उपप्रधान गौरी दत नेगी, महासचिव जीएल डमालू और कार्यालय सचिव ज्ञान हुड्डन ने कहा कि मंदिर पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। समिति ने स्वयं निर्माण कार्य का जिम्मा उठाया है।
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