शिल्पकारों को 51 हजार रुपये की नकद राशि और उपहार देकर किया सम्मानित
विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की धाम
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा
(रोहड़ू)। नेरवा तहसील के नेवल क्षेत्र की आराध्य देवी महामाई जनोगेश्वरी माता के नवनिर्मित मंदिर में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा एवं प्रवेश समारोह मंगलवार को विधिवत संपन्न हो गया। समारोह में स्थानीय क्षेत्र सहित दूरदराज के इलाकों से श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। माता के जयकारों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ 18 अक्तूबर को शुभ मुहूर्त में मंदिर के शिखर पर कुरुड़ स्थापना के साथ हुआ। 19 अक्तूबर को विद्वान पंडितों के सान्निध्य में विशेष हवन-यज्ञ और वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंगलवार को समारोह के अंतिम दिन माता की प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कर उन्हें नवनिर्मित भव्य काष्ठकुणी शैली के मंदिर में विराजमान कराया गया। मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को समारोह के दौरान विशेष सम्मान दिया गया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों के बीच ग्रामीणों ने शिल्पकारों को कंधों पर उठाकर मंदिर परिसर तक पहुंचाया। मंदिर निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए मंदिर समिति ने 51 हजार रुपये की नकद राशि और उपहार भेंट किए। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समारोह के सफल आयोजन पर स्वागतकर्ता खुंद घांगुच नेवल और नेवल क्षेत्र के सयानाओं ने सभी श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों और आयोजन में सहयोग देने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।