प्रतिबंध के बाद शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर तक गए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू ) । नौहराधार से चूड़धार जाते समय शिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को लापता हुए पंचकूला के सेक्टर-15 के निवासी युवक अक्षय का अभी तक सुराग नहीं मिला है। चौपाल के डीएसपी सुशांत शर्मा ने बताया कि चौपाल व नौहराधार थानों की पुलिस टीमों के साथ एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय लोग युवक की तलाश में जुटे हैं। दिसंबर माह की संक्रांति से शिरगुल महाराज की अनुमति पर मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। चार माह के बाद वैशाख पर अप्रैल महीने में खुलते हैं। उसके बाद चेहता, चंदलोग, वाहल व हमाल क्षेत्र के लोग चूड़धार जाकर बुरांश के फूल शिरगुल महाराज को अर्पित करते हैं। इन चार महीनों के दौरान 11996 फीट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार में जाने पर पाबंदी लगा दी जाती है। प्रतिबंध के बाद कुछ वर्षों से एडवेंचर टूरिज्म, यू-ट्यूबर और सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रीले बनाने वाले प्रशासन के आदेशों को अनदेखा कर रहे हैं। इन दिनों में मंदिर की रखवाली करने के लिए दो कर्मचारी तैनात हैं। जो लोग चूड़धार पहुंचने के प्रयास में रास्ते में फंस जाते हैं, उनको रेस्क्यू करने में इन लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नौहराधार के होटल व्यवसाय से जुडे लोगों पर कुछ वर्षों से दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को चूड़धार जाने से रोकने की बजाय प्रोत्साहित करने के आरोप लगते रहे हैं। इस बार भी पंचकूला के दोनों युवक नौहराधार से ही चूड़धार गए हैं। इनमें से एक युवक विक्रम चूड़धार पहुंचने में सफल हो गया, लेकिन उसका साथी अक्षय रास्ते में कहीं लापता हो गया। डीएसपी चौपाल सुशांत शर्मा ने चूड़धार जाने वाले लोगों को चेताया है कि यहां जाना इस समय अपनी जान को जोखिम में डालना है। इस समय चूड़धार में 10 फीट से अधिक बर्फ है। उन्होंने होटल कारोबारियों से भी किसी को चूड़धार न भेजने का आग्रह किया है है। उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।