फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: डीए, वेतन एरियर, पेंशन, ग्रेच्युटी और मेडिकल बिलों के भुगतान न होने पर रोष

विज्ञापन
विज्ञापन
कर्मचारी और पेंशनर विरोधी नीतियों पर शिक्षक प्रकोष्ठ का सरकार पर हमला
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी


रोहड़ू। भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ जिला महासू ने प्रदेश सरकार की कर्मचारी एवं पेंशनर विरोधी नीतियों की आलोचना की है। प्रकोष्ठ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षक एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी वर्ग को गहरी निराशा और आक्रोश में धकेल दिया है। प्रकोष्ठ के संयोजक पीतांबर पिर्टा ने कहा कि प्रदेश के हजारों सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारी आज भी अपने वैध वित्तीय अधिकारों के लिए भटक रहे हैं। डीए एरियर, वेतन एरियर, पेंशन एरियर, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, मेडिकल बिलों के भुगतान लंबित पड़े हैं। पदोन्नति लाभों के एरियर समेत अनेक देनदारियां वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपना पूरा जीवन प्रदेश की सेवा में समर्पित किया, आज वही कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री की ओर से 40 प्रतिशत एरियर जारी करने की घोषणा को प्रकोष्ठ ने भ्रमित करने का प्रयास बताया है। प्रकोष्ठ का कहना है कि पंचायत और नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के प्रति बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए यह घोषणा केवल राजनीतिक नुकसान को कम करने की कोशिश है। शिक्षक प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी और पेंशनर अब खोखले आश्वासनों से प्रभावित होने वाले नहीं हैं और जब तक लंबित वित्तीय लाभों का वास्तविक भुगतान नहीं होता, तब तक सरकार की कथनी और करनी पर सवाल उठते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लंबित मेडिकल बिलों के कारण बुजुर्ग कर्मचारियों को इलाज के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रकोष्ठ ने आरोप लगाया कि पेंशनरों को सम्मान देने के बजाय उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें