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Rampur Bushahar News: संविदा कर्मियों के लिए 8500 रुपये होगा वर्दी भत्ता, मिलेगा बोनस

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20 श्रमिकों के ट्रेड आपसी सहमति से हो सकेंगे संशोधित
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सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने जताई खुशी
मजदूरों की एकता से हासिल हुई मांगों पर झाकड़ी में की गेट मीटिंग

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना की कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने मजदूरों की एकता से हासिल हुई महत्वपूर्ण मांगों के पूरा होने पर खुशी जताई है। श्रम और समझौता अधिकारी की उपस्थिति में मजदूरों के हित में कई फैसले लिए गए हैं। अब संविदा कर्मचारियों का वर्दी भत्ता 7200 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 8500 रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा। यह 1 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होगा। इसके अलावा धुलाई भत्ता 120 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। 21,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा। यह प्रावधान 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। कार्य की प्रकृति के आधार पर कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। सामग्री प्रबंधन समूह एवं हार्ड कोटिंग सुविधा के 20 श्रमिकों के ट्रेड आपसी सहमति से संशोधित किए जाएंगे, जो 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगे। सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को झाकड़ी में गेट मीटिंग का आयोजन किया। इस गेट मीटिंग में मजदूर एकता के खूब नारे लगे। इस दौरान सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन अध्यक्ष राजकुमार, उपाध्यक्ष गुरदास और महासचिव कामराज ने कहा कि आज का दिन मजदूरों की एकता के बलबूते अपनी मांगों को हासिल करने का ऐतिहासिक दिन है। मजदूरों ने अपना मांगपत्र ऐसे समय में सौंपा था, जब केंद्र की मोदी सरकार मजदूरों को गुलाम बनाने वाले लेबर कोड के नियम अधिसूचित किए थे। ये नियम मजदूरों की सामूहिक सौदेबाजी की ताकत और यूनियनों की शक्ति को कमजोर करते हैं। दूसरी ओर, नाथपा झाकड़ी में प्रबंधन की ओर से कुछ लोगों को अतिरिक्त लाभ देकर मजदूरों की एकता तोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसके बावजूद मजदूरों की एकता और संघर्ष की समझ को कमजोर नहीं किया जा सका। मजदूर मजबूती से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते रहे, जिसके कारण प्रबंधन को मजदूरों की मांगें माननी पड़ीं। 23 मार्च 2026 को यूनियन ने प्रबंधन को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा था, जिसमें ग्रेच्युटी भुगतान, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण, पदोन्नति नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, वर्दी भत्ता, बोनस, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल अलाउंस एवं धुलाई भत्ता शामिल था। यूनियन ने 6 अगस्त को हड़ताल का निर्णय लिया।
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