कोटखाई(रोहड़ू)। सरस्वती विद्या मंदिर कोटखाई में ‘मेरे सपनों का भारत—चित्र सेवा’ और ‘विकसित भारत-2047’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और वक्तव्यों के माध्यम से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने के अपने सपनों को सामने रखा। चित्रकला प्रतियोगिता में 45 और भाषण प्रतियोगिता में 12 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषणों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भरता, नवाचार, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता चेतन बरागटा ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत की नींव रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ राष्ट्र सेवा, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सूरज पाल चौहान ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करती हैं। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और विशेषकर युवा पीढ़ी का संकल्प है। कार्यक्रम के संयोजक पितांबर पिर्टा ने प्रतियोगिता के आयोजन और उद्देश्य की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रमोद कुमार, गोपाल जबैईक, सुंदर चौहान, जगदीश चौहान, प्रताप जस्टा सहित विद्यालय के शिक्षक, गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।