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Rampur Bushahar News: झाकड़ी स्कूल के छात्रों ने खोजे दो संभावित क्षुद्रग्रह

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झाकड़ी स्कूल के विद्यार्थियों ने खोजे दो संभावित क्षुद्रग्रह। स्रोत : स्कूल प्रबंधन
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. नासा के एस्टेरॉयड सर्च अभियान में स्कूल के छात्रों ने हासिल की उपलब्धि
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। खगोल शास्त्र की समझ और जांच में रामपुर के झाकड़ी स्कूल के विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झाकड़ी के विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष में छिपे रहस्यों को समझने की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। स्कूल के छात्रों ने नासा के सिटिजन साइंस प्रोजेक्ट इंटरनेशनल एस्टेरॉयड सर्च कैंपेन के अगस्त 2026 अभियान में भाग लेते हुए दो संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान की है। खास बात यह है कि हिमाचल प्रदेश से अभियान में शामिल 39 टीमों की ओर से किए गए तीन प्रारंभिक डिटेक्शन में झाकड़ी स्कूल की टीम का नाम दर्ज किया है। समग्र शिक्षा के तहत हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में यह अभियान आयोजित किया गया था। इसके तहत विद्यार्थियों को अमेरिका स्थित पैन-स्टार्स टेलीस्कोप से प्राप्त खगोलीय तस्वीरों का डेटा उपलब्ध करवाया गया। छात्रों ने इन तस्वीरों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए एस्ट्रोमेट्रिका सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। तस्वीरों में मौजूद तारों और अन्य खगोलीय पिंडों के बीच संभावित रूप से गतिमान वस्तुओं की पहचान कर उनके बारे में रिपोर्ट तैयार की गई। इस अभियान में झाकड़ी स्कूल की टीम में शालू कश्यप, आयुषी कंवर, दिवाकर दत्त और रचना ठाकुर शामिल रहे। विद्यार्थियों ने उपलब्ध खगोलीय डेटा का अध्ययन कर संभावित गतिमान पिंडों की पहचान की। टीम का मार्गदर्शन विद्यालय के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता दिवाकर दत्त शर्मा ने किया। अभियान के दौरान देशभर में विद्यार्थियों की विभिन्न टीमों ने कुल 51 संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान की। हिमाचल प्रदेश की 39 चयनित टीमों से तीन प्रारंभिक डिटेक्शन सामने आए, जिनमें दो डिटेक्शन झाकड़ी स्कूल की टीम की ओर से किए गए। इंटरनेशनल एस्टेरॉयड सर्च कैंपेन की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक पत्र में दोनों खोजों को फिलहाल डीआईडब्ल्यू3333 प्रीलिमिनेरी और डीआईडब्ल्यू 4444 प्रीलिमिनेरी के रूप में दर्ज किया गया है। ये दोनों खोज अभी प्रारंभिक चरण में हैं। इनकी वास्तविक पुष्टि के लिए अलग-अलग वेधशालाओं के माध्यम से संबंधित पिंडों की गतिविधियों और कक्षीय पथ का आगे भी अवलोकन किया जाएगा। यदि आगामी वैज्ञानिक प्रक्रिया में दोनों संभावित क्षुद्रग्रहों की पुष्टि हो जाती है और उन्हें आधिकारिक रूप से क्रमांकित दर्जा प्राप्त होता है, तो इनकी खोज करने वाली छात्र टीम को भविष्य में इनके नामकरण का अवसर मिल सकता है। स्कूल के प्रधानाचार्य अरविंद नेगी ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों और मार्गदर्शक शिक्षक को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय के विद्यार्थियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक अभियान में भाग लेकर दो संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान करना विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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