स्थानीय संसाधनों और कौशल के आधार पर स्वरोजगार अपनाने के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा में शुक्रवार को प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र के तहत प्रथम जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन आरएएमपी योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (एचपीसीईडी), उद्योग विभाग के सहयोग और द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब के माध्यम से किया गया। कार्यशाला में 130 से अधिक विद्यार्थियों सहित 150 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की बारीकियां सिखाईं। विशेषज्ञों ने व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, उद्यमी सोच विकसित करने, बाजार की आवश्यकता समझने, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहयोग के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान रहे। इस दौरान प्रोफेसर एवं नोडल अधिकारी डॉ. उमेश नारटा, महाविद्यालय के 20 से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी, तकनीकी रिसोर्स पर्सन पुनीत झामटा, सहायक प्रबंधक हर्ष कुमार और द प्लैनेट एजुकेशन सोसायटी के सचिव माम राज सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्थानीय स्टार्टअप मेवलोक की संस्थापक मनीषा सांगटा ने विद्यार्थियों के साथ अपने फैशन स्टूडियो और स्टार्टअप की शुरुआत से लेकर उसे आगे बढ़ाने तक का अनुभव साझा किया।