रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में कुत्तों की सामूहिक नसबंदी का अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। दो सप्ताह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 239 कुत्तों की नसबंदी की गई। यह अभियान पशुपालन विभाग, जिला प्रशासन किन्नौर और पीपल फार्म कांगड़ा के संयुक्त सहयोग से चलाया गया। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) पद्धति कुत्तों की जनसंख्या नियंत्रित करने का प्रभावी तरीका है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड द्वारा वैज्ञानिक रूप से सबसे प्रभावी माना जाता है। उपनिदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन, डॉ. अजय नेगी ने पीपल फार्म की टीम की सराहना की। डॉ. नेगी ने इस अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले डॉ. अरविंद नेगी (पशु चिकित्सक सर्जन) के परिश्रम की सराहना की।