नारकंडा में बुधवार को हुई बर्फबारी के बाद का नजारा। संवाद
नारकंडा में बर्फबारी से हाईवे पर हुई फिसलन, यातायात रहा बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/ कुमारसैन।
ऊपरी शिमला के कई क्षेत्रों में अप्रैल में भी बर्फबारी हुई है। निचले क्षेत्रों में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार शाम तक जारी रही। किन्नौर की ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ है, जबकि कल्पा, रिकांगपिओ और सांगला में दिनभर बारिश जारी रही। नारकंडा और आसपास की ऊंची चोटियों पर बुधवार सुबह बर्फबारी हुई। नारकंडा में हुई बर्फबारी से शिमला-रामपुर एनएच-पांच पर फिसलन बढ़ गई, जिससे यातायात बाधित रहा। कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने पहले ही सेब सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। वहीं, अब बर्फबारी और लगातार बारिश ने बागवानों की उम्मीदों पर लगभग पानी फेर दिया है। लगातार हो रही बारिश, ओलावृष्टि और अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण सेब के पेड़ों पर लगे फूल काफी प्रभावित हुए हैं और कई स्थानों पर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। बागवानों को आशंका है कि इस बार सेब की फसल के साथ नाशपाती, आड़ू और अन्य फलदार फसलों का उत्पादन भी बेहद कम हो सकता है। तहसील कुमारसैन की कई पंचायतें बारिश से प्रभावित हुई हैं। जार, मलैंडी, करेवथी, शिवान, नारकंडा, कोटिघाटी सहित अन्य पंचायतों के किसान-बागवान इस समय काफी चिंता में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो इस वर्ष सेब सहित अन्य फसलों की पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है।