कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। शिमला जिले के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी ने किसानों और बागवानों के चेहरों पर मुस्कान तो बिखेरी है, लेकिन कई क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। पर्यटन कारोबारियों को अब जहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद हैं, वहीं किसान और बागवान इसे सेब और अन्य फसलों के लिए लाभकारी मान रहे हैं। हालांकि, भारी बर्फबारी के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-05 पर शिमला से रामपुर की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग नारकंडा के पास अवरुद्ध हो गया है। सड़कों पर फिसलन अधिक होने से वाहनों के स्किड होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शिमला और रामपुर की ओर जाने वाले यातायात को बसंतपुर-किगल और लुहरी-सुन्नी मार्ग से डायवर्ट कर दिया है। नारकंडा और इसके आसपास की पहाड़ियों पर भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। पर्यटकों के लिए यह दृश्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन स्थानीय निवासियों और यात्रियों को आने-जाने में मुश्किलें हो रही हैं। बर्फबारी का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा, जिससे मार्ग खोलने में समस्याएं आईं। किसानों और बागवानों ने भी इस बर्फबारी को लाभकारी बताया है। उनका कहना है कि बर्फबारी से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे सेब और अन्य फसलों को लाभ होगा। शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाया है, वहीं इससे जुड़ी चुनौतियां भी सामने आई हैं। प्रशासन का कहना है कि मार्ग बहाल करने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं और जनता से संयम व सावधानी बरतने की अपील की गई है।
एनएच पांच नारकंडा में भारी बर्फबारी होने से बंद एनएच । संवाद