. लंबे समय से बगीचों में लटके कार्य अब हो पाएंगे शुरू
. किसानों-बागवानों के चेहरे खिले, अच्छी फसल की जगी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आखिरकार चार महीने के सूखे के बाद बारिश-बर्फबारी से किसानों-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। बर्फबारी और बारिश से सेब और गुठलीदार फलों के बगीचों को संजीवनी मिली है। अब बागवान सेब और प्लम की विभिन्न किस्मों के पौधे रोपकर बगीचा तैयार कर सकते हैं। अधिकतर बागवानों ने पौधे भी खरीद रखे हैं। इसके अलावा लंबे समय से बगीचों के लटके कार्य अब शुरू कर पाएंगे। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार अब बगीचों में तौलिये बनाने और गोबर खाद डालने का कार्य शुरू किया सकता है। सूखे के कारण बागवान बगीचों में तौलिये बनाने का कार्य नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा पौधों में खाद डालने का कार्य भी लटका था। अब जमीन में नमी लौट आई है और बगीचों के प्रबंधन के कार्य भी बागवान शुरू कर पाएंगे। अच्छी बर्फबारी और बारिश होने से बागवानों को आगामी सीजन में बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद जगी है। वहीं, फलों के पौधों में रोगों से छुटकारा मिलेगा। निचले क्षेत्रों में गुठलीदार फलों को भी यह बारिश काफी फायदेमंद रहेगी। प्रगतिशील बागवान सुनील चौहान, प्रेम राज, सनम, संदेश, दिनेश मेहता, अनिल कुमार और राहुल ने कहा कि बर्फबारी और बारिश होने से राहत मिली है। सेब सहित अन्य फलों के लिए यह बारिश संजीवनी का काम करेगी। लंबे समय से बगीचों के लटके कार्य अब शुरू कर पाएंगे। बागवानी विभाग रामपुर के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संजय चौहान ने कहा कि बर्फबारी और बारिश कृषि-बागवानी के लिए काफी फायदेमंद है। लंबे समय से चल रहे सूखे से बागवानों को निजात मिली है। जमीन में नमी लौटने से बागवान अब नए पौधे रोप सकते हैं। बगीचों में तौलिये और गोबर खाद डाल सकते हैं।