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Rampur Bushahar News: भमबेली, कींप और जौ से महादेव बनाकर पहाड़ी व्यंजनों के साथ की गई पूजा-अर्चना

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शिवरात्री पर पारंपरिक ढंग से मनायाए गए महादेव व पारंपरिक व्यंजन
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रोहड़ू। शिवरात्रि पर्व रोहड़ू क्षेत्र के हर घर में पारंपरिक ढंग से मनाया गया। भमबेली, कींप और जौ से महादेव बनाकर पूजा-अर्चना की गई। विभिन्न पहाड़ी व्यंजनों को तैयार कर उसका भोग महादेव को लगाया गया। इसकी तैयारियां हर घर में शिवरात्रि के एक दिन पहले ही शुरू कर दी गई थी। क्षेत्र में लोग आज भी शिवरात्रि पर महादेव को पारंपरिक ढंग से भमबेली, कींप और जौ से बनाते हैं। घर के किसी कमरे में पूजा-अर्चना के लिए महादेव को स्थापित किया जाता है। उसके बाद पारंपरिक ढंग से तैयार महादेव को विभिन्न पहाड़ी व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। पहाड़ी व्यंंजनों को महिलाएं दिनभर तैयार करती हैं। रात को आरती के समय महादेव को देसी घी का धूप देकर पूजा-अर्चना की गई। शिव की स्तुति के साथ ही लोगों ने अपने व्रत को तोड़ा। शिव शक्ति धाम रोहड़ू के संस्थापक जोगिंद्र पाल ने बताया कि शिवरात्रि को पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। क्षेत्र के लोग हर्षोल्लास से शिवरात्रि पर्व को मनाते हैं। भमबेल, कींप व जौ से महादेव बनाकर उसकी पूजा-अर्चना रातभर की जाती है। शिवरात्रि के दूसरे दिन महादेव को घर के बाहर एक सुरक्षित कोने में रखा जाता है। यह परंपरा क्षेत्र में सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि पर शिव शक्ति धाम मंदिर रोहड़ू में भी रुद्राभिषेक किया गया।
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